अक्रिय गैसों की संपूर्ण जानकारी

 अक्रिय गैसों को इंग्लिश में Inert gases या Noble gases कहा जाता है।इनको gases of atmosphere और rare gases(दुर्लभ गैस) भी कहा जाता है।

Inert gases - ये गैस रासायनिक रूप से अक्रियाशील है।

Noble gases - इन गैसों के बहुत से यौगिकों को  बनाया गया है, इसलिए इन गैसों को Noble gases कहा गया है।

Rare gases - ये गैस वायुमंडल में बहुत कम मात्रा में पाया जाता है, इसलिए इनको Rare gases कहा गया है।

1) अक्रिय गैस कौन से हैं?

अक्रिय गैसों की कुल संख्या 6 है। अक्रिय गैस निम्न हैं:-
A) हीलियम(Helium)

B) निआन(Neon)

C) ऑर्गन (orgon)

D) क्रिप्टान(Krypton)

E) जेनॉन(Xenon)

F) रेडॉन(Radon)


2) अक्रिय गैस की खोज कब और किसने की?

अक्रिय गैसों के प्रमुख खोजकर्ताओं को नीचे दिया गया है:-

अक्रिय गैस               खोजकर्ता                       वर्ष

हीलियम                 जेन्सेन(Janssen)/           1868 ई•

                             लॉक्येर(Lockyer)


रेडॉन                      इ• इ• डॉर्न(E.E. Dorn)   1900 ई.


ऑर्गन                       रैमजे/रैले                      1894 ई.


जेनॉन                        रैमजे


क्रिप्टोन                      रैमजे


नियान                        रैमजे


3) अक्रिय गैसों की विशेषताएं बताएं।

अक्रिय गैसों की निम्नलिखित विशेषताएं हैं:-

१) ये गैसें रंगहीन,गंधहीन और स्वादहीन होते हैं।

२) ये गैसें जल में बहुत कम घुलनशील होते हैं।

३) सभी अक्रिय गैसों द्रवित किया जा सकता है। अधिक परमाणु संख्या वाले अक्रिय गैस का क्वथनांक मान उच्च होते हैं।

४) अक्रिय गैस एकपरमाणुक होते हैं।


4) अक्रिय गैसों का परमाणु संख्या

अक्रिय गैस                      परमाणु संख्या

  • हीलियम                              2
  • नियॉन                                10
  • ऑर्गन                                18
  • क्रिफ्टॉन                              36
  • जेनॉन                                 54 
  • रेडॉन                                   86

5) अक्रिय गैसों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

  • हीलियम - 1s²
  • नियान    - 1s²2s²2p⁶
  • ऑर्गन    - 1s²1s²2p⁶3s²3p⁶
  • क्रिप्टॉन  - 1s²2s²2p⁶3s²3p⁶3d¹⁰4s²4p⁶
  • जेनॉन    - 1s²2s²2p⁶3s²3p⁶3d¹⁰4s²4p⁶4d¹⁰5s²5p⁶
  • रेडॉन    - 1s²2s²2p⁶3s²3p⁶3d¹⁰4s²4p⁶4d¹⁰4f¹⁴5s²5p⁶5d¹⁰6s²6p⁶

6) अक्रिय गैसों का प्रकृति में उपलब्धता/स्त्रोत

  1. रेडियोधर्मी पदार्थ का विघटन:- रेडॉन एकमात्र ऐसे अक्रिय गैस है जो रेडियोधर्मी है। रेडियोधर्मी पदार्थ रेडियम के विघटन द्वारा रेडॉन का निर्माण होता है।
  2. पृथ्वी का वायुमंडल:- रेडॉन पृथ्वी के वायुमंडल में नहीं पाए जाते हैं । रेडॉन को छोड़कर बाकी अक्रिय गैस पृथ्वी के वायुमंडल में पाए जाते हैं | हमारे वायुमंडल में सबसे अधिक पाया जाने अक्रिय गैस ऑर्गन है।
  3. प्राकृतिक गैस:- इसमें 2%-7% तक हीलियम गैस पाए जाते हैं।
  4. सूर्य और तारा:- सूर्या और तारों में हीलियम गैस पाए जाते हैं।यह हाइड्रोजन के दो नाभिक के नाभिकीय संलयन द्वारा बनते हैं।

7) अक्रिय गैसों का आवर्त सारणी में स्थिति

अक्रिय गैसों को आवर्त सारणी में ग्रुप -18 में रखा गया है।मोसले की आवर्त सारणी में इन तत्वों को हैलोजन परिवार के तत्वों के बाद रखा गया है। ग्रुप-18 को Ⅷ-group या zero-group भी कहा जाता है।


8) अक्रिय गैसों का उपयोग

  1. रेडॉन का उपयोग कैंसर के उपचार में किया जाता है।
  2. ऑर्गन को नाइट्रोजन के साथ मिलाकर विधुत बल्बों में भरा जाता है।
  3. ऑर्गन और पारा वाष्प का मिश्रण डिस्चार्ज ट्यूब में नीला या हरा रंग पैदा करने में उपयोग होता है।
  4. हीलियम रक्त में घुलनशील नहीं है, इसलिए इसका उपयोग गोताखोरों द्वारा सांस हवा में आक्सीजन के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता है।इसका उपयोग कम तापमान मापक गैस थर्मामीटर में भी उपयोग किया जाता है।ज्वलनशील नहीं होने के कारण इसका उपयोग बैलून, जहाज आदि में भी उपयोग किया जाता है।
  5. नियॉन का उपयोग इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज ट्यूब में हराया नीला रंग पैदा करने में उपयोग होता है।
नोट:- गोताखोरों द्वारा सांस हवा के रूप में साधारण वायुमंडलीय हवा का उपयोग नहीं किया जाता है। सामान्यतः वायु में उपस्थित नाइट्रोजन रक्त में घुलनशील नहीं होते हैं, किन्तु समुद्र की गहराई में अधिक दाब के कारण यह रक्त में घुल जाता है। गोताखोर जब गहराई से बाहर निकालता है तो दाब घट जाता है और खून में घुले नाइट्रोजन कम दाब में बाहर निकालने लगते हैं। इससे गोताखोर के शरीर में दर्द उत्पन्न होता है और वह बेहोश भी हो सकता है।

9) अक्रिय गैस रासायनिक अभिक्रिया में भाग क्यों नहीं लेता है?

  1. सभी इलेक्ट्रॉनों की पूर्ण जोड़ी:- अक्रिय गैस में संयोजक इलेक्ट्रानों की संख्या 8 होती है। इनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का अंत ns²np⁶ से होता है।इन गैसों के संयोजक इलेक्ट्रानों की पूर्ण जोड़ी बन चुकी है। इसलिए यह दूसरे परमाणु के साथ इलेक्ट्रानों को साझा करने के पक्ष में नहीं रहता है।
  2. उच्च आयनीकरण ऊर्जा:- स्थिर इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के कारण, वैलेंस शेल से वैलेंस शेल इलेक्ट्रॉनों को निकालने के लिए बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसलिए यह साधारण परिस्थिति में आयन का निर्माण नहीं करता है।



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