प्रकाश का परावर्तन और अपवर्तन कक्षा 10 नोट(प्रश्नोत्तर)

Q.1.प्रकाश क्या है?

उत्तर:- प्रकाश एक वैधुतचुंबकीय तरंग है।यह उर्जा का एक रूप है जो तरंग के माध्यम से गमन करता है।


Q.2. सूर्य मे प्रकाश का उत्पादन कैसे होता है?

उत्तर:- सूर्य मे प्रकाश का उत्पादन नाभिकीय संलयन द्वारा होता है। सूर्य मुख्यतः हाइड्रोजन और हीलियम गैस से बना है।हाइड्रोजन के दो नाभिक संलयित होकर हीलियम का नाभिक बनाते हैं।हाइड्रोजन के दो नाभिकों का कुल द्रव्यमान हीलियम का नाभिक से अधिक होते हैं यानि इस प्रक्रिया मे द्रव्यमान का क्षय हो गया है।यही क्षय द्रव्यमान ही प्रकाश उर्जा मे बदल गए।

       आइंस्टाइन के सिद्धांत E=mc2  के अनुसार m द्रव्यमान का क्षय होकर E उर्जा मे बदलते हैं, और c =  प्रकाश का वेग है।


Q.3.  सूर्य के प्रकाश का वेग कितना है?

उत्तर:- 3 × 108 मी/से


Q.4. प्रकाश का परावर्तन क्या है?

उत्तर:- प्रकाश जब किसी परावर्तक सतह से टकराता है तो वापस उसी माध्यम मे आ जाता है। इसे प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।


Q.5. प्रकाश के परावर्तन का नियम क्या है?

उत्तर :- प्रकाश के परावर्तन के दो नियम है :-

1)प्रकाश के आपतन कोण का मान प्रकाश के परावर्तन कोण के मान के बराबर होते हैं।


2)आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर अबिलंब सभी एक ही तल मे होते हैं।


Q.6. प्रकाश तंतु (optical fibre) पर किस सिद्धांत का उपयोग होता है?


उत्तर :- प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन


Q.7. मृग मरीचिका घटना किससे संबंधित है?

उत्तर:- प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन


Q.8. प्रकाश का अपवर्तन क्या है?

उत्तर:- जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है तो अभिलंब की ओर या अभिलंब से दूर मुड़ता है। इसे प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।


  • जब प्रकाश विरल माध्यम से साघन मे जाता है तो अभिलंब की ओर मुड़ता है।

उदाहरण:- प्रकाश जब हवा से जल मे प्रवेश करता है तो अभिलंब की ओर मुड़ता है।

  • प्रकाश जब सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाता है तो अभिलंब से दूर हटता है।

उदाहरण:- प्रकाश जब पानी से हवा में प्रवेश करता है तो अभिलंब से दूर हटता है।



Q.9. प्रकाश के अपवर्तन का नियम क्या है?

प्रकाश के अपवर्तन के दो नियम हैं:-

  1. आपतित किरण,अपवर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर अभिलंब सभी एक ही तल मे होते हैं।

  2. आपतन कोण का sin(i) तथा अपवर्तन कोण के sin(r) का मान एक स्थिरांक होता है।

            sin(i)÷sin(r) = μ


जहां, μ= एक स्थिरांक है जिसे अपवर्तनांक कहा जाता है।


Q.10. अपवर्तनांक क्या है?//अपवर्तनांक किसे कहते हैं?

उत्तर:- किसी माध्यम का अपवर्तनांक वायु मे प्रकाश की चाल तथा उस माध्यम में प्रकाश की चाल का अनुपात होता है।


अपवर्तनांक = वायु मे प्रकाश की चाल/ माध्यम में           

       प्रकाश की चाल   


उदाहरण:- जल का अपवर्तनांक का मान ज्ञात करना है तो वायु मे प्रकाश का वेग(3×108 मी/से)  को जल मे प्रकाश का वेग से भाग देना है।


Q.11. आकाश का रंग नीला क्यों दिखता है?

उत्तर:- प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण ।


Q.12. उगते या अस्त होते समय सूर्य का रंग लाल क्यों दिखता है?

उत्तर:- प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण ही  उगते या अस्त होते सूरज  लाल दिखाई देता है। सुबह या शाम के समय सूर्य का प्रकाश अधिक वायुमंडलीय क्षेत्र से गुजरता है। जलवाष्प, धूलकणों आदि के कारण श्वेत प्रकाश का सात रंगों में विभाजित हो जाता है। सुबह या शाम के समय अधिक वायुमंडलीय क्षेत्र से गुजारने के कारण श्वेत प्रकाश का पूर्णता प्रकीर्णन प्रक्रिया द्वारा सात रंग में विभाजित हो जाता है और हमारी आंखों तक नहीं पहुंच पाता है। लाल रंग कम मुड़ने के कारण हमारे आंख तक पहुंच पाता है जिससे सूर्य का रंग लाल दिखता है। वायुमंडल में बहुत से परतें होते हैं,जिसमें ये किरणें अपवर्तित होते हैं।अपवर्तन प्रक्रिया में अधिक मुड़ने के कारण लाल रंग को छोड़ बाकी रंग हमारे आंख तक नहीं पहुंच पाता है।


Q.13. तारे क्यों टिमटिमाते हैं?

उत्तर:-  प्रकाश के अपवर्तन के कारण। हमारे वायुमंडल में बहुत से वायुमंडलीय परतें होते हैं।कुछ जगह सघन होते हैं तो कुछ जगह विरल होते हैं। इन परतों मे तारों से आने वाले प्रकाश का अपवर्तन होते रहता है। इससे तारे की स्थिति में परिवर्तित होती रहती है और हमारे आंख पर कभी अधिक तो कभी कम प्रकाश पहुंचता है जिससे तारे टिमटिमाते नजर आते हैं।


Q.14. क्रांतिक कोण क्या है?प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन किसे कहते हैं?

उत्तर:क्रांतिक कोण का संबंध प्रकाश के अपवर्तन से है।यह एक आपतन कोण है।अपवर्तन के दौरान यदि अपवर्तन कोण का मान 90° हो तो आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण कहलाता है।

            क्रांतिक कोण का मान और अधिक बढ़ाने पर अपवर्तन कोण का मान 90°  से अधिक हो जाता है। इस स्थिति में प्रकाश वापस दूसरा माध्यम में न जाकर उसी माध्यम में आ जाता है। इसे प्रकाश का पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं।यह तब होता है जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाता है।


Q.15. समतल दर्पण की फोकस दूरी कितनी होती है?

उत्तर:- अनंत(∞)


Q.16. गोलीय दर्पण कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर: गोलीय दर्पण दो प्रकार के होते हैं :-

  1. अवतल दर्पण

  2. उतल दर्पण

1. अवतल दर्पण:- गोलीय लेंस को काटकर जब  बाहरी सतह को पालिस किया जाता है तो उसे अवतल दर्पण कहते हैं।


2. उतल दर्पण :- गोलीय लेंस को काटकर जब भीतरी सतह को पालिस किया जाता है तो इसे उतल दर्पण कहते हैं।


Q.17. दर्पण की वक्रता त्रिज्या क्या होती है?

उत्तर:  मान लिया आपके पास एक गोलीय लेंस है। दूसरे शब्दों मे लेंस का एक गोला है जिसकी त्रिज्या r  है। अब इस लेंस को काटकर दर्पण बनाया गया है। इस दर्पण की वक्रता त्रिज्या r के बराबर होती है जिसे R से संकेत किया जाता है और गोले का केंद्र ही दर्पण का वक्रता केंद्र है।

" किसी दर्पण का वक्रता त्रिज्या उस गोले का त्रिज्या होता है, जिस गोले को काटकर दर्पण बनाया जाता है।"


Q.18. किसी दर्पण की फोकस दूरी क्या होती है?

उत्तर:-किसी दर्पण के वक्रता त्रिज्या की आधी फोकस दूरी कहलाती है।इसे f  से संकेत किया जाता है।यह दूरी दर्पण के ध्रुव O और फोकस बिन्दु F तक की दूरी है।


Q.19. किसी दर्पण के वक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी मे क्या संबंध होती है?

उत्तर:- किसी दर्पण के वक्रता त्रिज्या R और फोकस दूरी f मे निम्नलिखित संबंध है:-


                    R =2f

यानि, वक्रता त्रिज्या हमेशा फोकस दूरी का दुगना होता है।


Q.20. दर्पण सूत्र क्या है?

उत्तर:- 

              1/f =1/v +1/u


जहां, f = फोकस दूरी

       v = प्रतिबिंब दूरी

       u = वस्तु दूरी



Q.21.  मुख्य अक्ष क्या होती है?

उत्तर:- किसी दर्पण के वक्रता केंद्र, फोकस बिन्दु तथा  ध्रुव को मिलाने वाली रेखा को मुख्य अक्ष कहते हैं।


Q.22. अवतल दर्पण में जब वस्तु की स्थिति अनंत पर हो तो प्रतिबिंब कहां पर बनेगा?

उत्तर:-  फोकस बिन्दु f पर


Q.23. अवतल दर्पण में जब वस्तु की स्थिति फोकस बिन्दु पर हो ,तो प्रतिबिंब कहाँ पर बनेगा?

उत्तर:- अनंत पर


Q.24. अवतल दर्पण में जब वस्तु की स्थिति C  से परे हो, तो प्रतिबिंब कहां पर बनता है?

उत्तर:- फोकस बिन्दु F और वक्रता केंद्र C के बीच


Q.25. अवतल दर्पण मे जब वस्तु की स्थिति C तथा F के बीच हो तो, प्रतिबिंब कहाँ पर बनता है?

उत्तर:- C से परे


Q.26. अवतल दर्पण में जब वस्तु की स्थिति फोकस बिन्दु F तथा ध्रुव O के बीच हो, तो प्रतिबिंब कहां पर बनेगा?

उत्तर:- दर्पण के पीछे


Q.27. लेंस क्या है?

उत्तर:- ऐसे पारदर्शी पदार्थ जो अपने से होकर जा रहे  प्रकाश किरणों का  अपवर्तन करता है।

       दर्पण में एक सतह पर पालिस किया जाता है पर जबकि लेंस के दोनों सतह पालिस नहीं होते हैं।


Q.28. लेंस का सूत्र क्या है?

उत्तर:-

           1/f = 1/v - 1/u


जहां, f = फोकस दूरी

       v = प्रतिबिंब दूरी

       u = वस्तु दूरी


Q.29.  लेंस की क्षमता का परिभाषा लिखे।

उत्तर:- लेंस की क्षमता को निम्न रूप में परिभाषित किया जाता है :-


         लेंस की क्षमता(P)= 1/f


जहां फोकस दूरी f मीटर मे व्यक्त किया हो।


Q. किसी लेंस की फोकस दूरी 100  सेमी हो तो  लेंस की क्षमता ज्ञात करें।

हल:-   

       फोकस दूरी f = 100 cm

                        = 100/100 m

                        = 1m


इसलिए, लेंस की क्षमता = 1/f

                               = 1/1

                               = 1 डाइआप्टर ans.


Q.30. लेंस की क्षमता का SI मात्रक क्या है?

उत्तर:- डाइआप्टर जिसे D से संकेत किया जाता है।





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